महाविद्यालय पुस्तकालय के ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें - Emitra Tutorials

Thursday, January 3, 2019

महाविद्यालय पुस्तकालय के ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

महाविद्यालय पुस्तकालय के ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें 

पाठ्यक्रम में चलने वाली पुस्तकों की प्रति दस पाठकों के मध्य एक अवश्य होनी चाहिए। पुस्तक खरीदते समय
प्रयास अद्यतन संस्करण को खरीदने की होनी चाहिए।
(ii) शिक्षकों और कुशाग्र बुद्धि के छात्रों के अध्ययन के लिए उच्च ज्ञान की पुस्तकों का संकलन किया जाना चाहिए।
(ii) संदर्भ ग्रन्थों जैसे सामान्य और विषय सम्बन्धी विश्वकोष, शब्दकोष, वार्षिकी, गजेटीयर्स आदि का संग्रह किया जाना चाहिए।
महाविद्यालय पुस्तकालय को पुस्तक चयन एवं संग्रह नीति विचार-विमर्श के पश्चात निश्चित करना चाहिए। पुस्तकालय को अपने संग्रह की गुणवत्ता को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।

3.2.5. महाविद्यालय पुस्तकालय में कर्मचारीयों की संख्या

| योग्य एवं पर्याप्त संख्या में व्यावसायिक तथा गैर व्यावसायिक कर्मचारियों के होने से पुस्तकालय अपना कार्य सुचारू रूप से सम्पादित आसानी पूर्वक कर लेता है। व्यावसायिक कर्मचारियों का पद, प्रतिष्ठा और वेतनमान समकक्ष शिक्षकों के समान होना चाहिए। पुस्तकालयाध्यक्ष को अपना दायित्व पूरा करने के लिए आवश्यक अधिकार प्राप्त होना चाहिए। पुस्तकालय में कर्मचारियों की संख्या उसके आकार के ऊपर निर्भर करती है। पुस्तकालय में कर्मचारियों की संख्या के लिए यू.जी.सी. के द्वारा मानदण्ड निर्धारित है।

3.2.6. महाविद्यालय पुस्तकालय में प्रस्तुतिकरण

महाविद्यालय पुस्तकालय की व्यवस्था एवं पुस्तकों का प्रस्तुतीकरण इस प्रकार होना चाहिए की पाठकों को पुस्तक प्राप्त करने में आसानी हो। इसके लिए पुस्तकालय को वर्गीकरण और सूचीकरण भी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य और उपयोग में लाये जाने वाली पद्धति को अपनाना चाहिए इस कार्य हेतु पुस्तकालय को ऐसी पद्धति को अपनाना चाहिए जिस पद्धति का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी संस्था द्वारा लगातार सम्पादित किया जाता हों।

3.2.7 महाविद्यालय पुस्तकालय का बजट

डॉ. राधाकृष्णन आयोग ने महाविद्यालय पुस्तकालय के लिए महाविद्यालय के बजट का 6% अनुशंसा की है। कोठारी आयोग ने इसे बढ़ाकर 10% कर दिया। कर्नाटक राज्य विश्वविद्यालय पुनरीक्षित समिति जिसके अध्यक्ष के.एन. राज थे, ने कॉलेज बजट का 20% पुस्तकालय विकास के लिए निर्धारित करने का प्रावधान रखा।
पुस्तकों में मूल्य वृद्धि को देखते हुए प्रतिवर्ष 15% वृद्धि करने का प्रावधान रखा गया। फर्नीचर पर 15% जिल्दबंधी पर 10% एवं स्टेशनरी पर 30% पुस्तकालय को अपने बजट का खर्च करने का प्रावधान रखा गया।

3.3 विश्वविद्यालय पुस्तकालय

उच्च शिक्षा प्राप्ति में विश्वविद्यालय मुख्य भूमिका निभाते है। विश्वविद्यालय, शिक्षण के अतिरिक्त शोध, विचारों का संरक्षण और व्याख्या सम्बन्धी कार्य करता है। शोध कार्य विश्वविद्यालय का एक ऐसा प्रमुख कार्य है जो उसको महाविद्यालय से अलग करता है। विश्वविद्यालय में अभीष्ट विषय पर विशेष अध्ययन और अधिकार प्राप्त किया जाता है। भौतिक ज्ञान का यहाँ सृजन होता है और ज्ञान के विकेन्द्रीकरण का यह मुख्य केन्द्र है। ज्ञान का संरक्षण और विकास विश्वविद्यालय शिक्षा पर निर्भर करता है।
स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत में कुल 20 विश्वविद्यालय थे। आज इसकी संख्या 222 तक पहुंच चुकी है। विश्वविद्यालय की संख्या में वृद्धि के साथ ही साथ प्रत्येक विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हुई है। पाठयक्रम में विभिन्न प्रकार के नये विषयों का समावेश हो चुका है। खुला विश्वविद्यालय ने दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार कर इस क्षेत्र में नई क्रांति ला दी है। शिक्षा के क्षेत्रों में बहुआयामी प्रगति ने विश्वविद्यालय की उपयोगिता में वृद्धि ला दी है। शिक्षा के उद्देश्यों के क्रियान्वयन हेतु निम्न चार बातों की आवश्यकता होती है।
(i) योग्य छात्र, (ii) शिक्षक, (iii) प्रयोगशाला और (iv) पुस्तकालय
इनमें प्रथम तीनों के लिए पुस्तकालय का होना आवश्यक है। पुस्तकालय के बिना न तो छात्र अच्छी तरह अध्ययन कर सकते है, न शिक्षक कारगर ढंग से अध्यापन का कार्य कर सकते है और न ही प्रयोगशाला में प्रायोगिक कार्य किया जा सकता है। प्रायोगिक कार्य के लिए सैद्धान्तिक अध्ययन जरूरी है। उसके लिए पुस्तक और पुस्तकालय आवश्यक है। ज्ञान के सृजन, संरक्षण और विकास हेतु प्रयोगशाला और पुस्तकालय दोनों आवश्यक है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए प्रयोगशाला और पुस्तकालय दोनों का स्वतंत्र अस्तित्व आवश्यक है परन्तु मानविकी और सामाजिक विज्ञान के लिए पुस्तकालय, प्रयोगशाला और पुस्तकालय दोनों का समन्वित रूप है। इसे स्वीकारते हुए विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने पुस्तकालय के सन्दर्भ में लिखा है:
"अध्यापन एक सहकारी कार्य है। पुस्तकालय शोधशाला और योग्य छात्रों के रूप में शिक्षण हेतु अध्यापकों के लिए उपयुक्त साधन उपलब्ध होना चाहिए। पुस्तकालय विश्वविद्यालय के समस्त कार्यों का हृदय है। उसका यह रूप शोध कार्यों की दृष्टि से प्रत्यक्ष और अन्य कार्यों की दृष्टि से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। वैज्ञानिक शोध के लिए प्रयोगशाला और पुस्तकालय दो अलग- अलग साधन आवश्यक है, जबकि सामाजिक और भाषा शास्त्रीय शोध के लिए पुस्तकालय दोनों का समन्वित रूप है।"
पुस्तकालय विश्वविद्यालय के हृदय के रूप में किस तरह से कार्य करता है, उसके बिना विश्वविद्यालय निष्क्रिय सा क्यों लगता है? इसके लिए आवश्यक है कि विश्वविद्यालय के कार्यों को जाना जाय साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि पुस्तकालय विश्वविद्यालय की लक्ष्यों के प्राप्ति में किस प्रकार सहयोग प्रदान करता है।

3.3.1. विश्वविद्यालय के कार्य

एम. आर. विलसन और एम. एफ. टॉबर के अनुसार विश्वविद्यालय के निम्नलिखित छ: कार्य बताये है : -
(i) ज्ञान और विचारों का संरक्षण
विश्वविदयालय उच्च शिक्षा और अपने शोध के दवारा प्राचीन और नवीन ज्ञान एवं विचारों का संरक्षण करता है। फलस्वरूप ज्ञान का क्षेत्र दिन पर दिन विकसित होता जाता है। ज्ञान के वाहक जितने भौतिक माध्यम है उन्हें संबद्ध पुस्तकालय वर्तमान और भावी छात्रों एवं शिक्षकों के उपयोग हेतु सुरक्षित रखता है।
(i) अध्यापन
विश्वविद्यालय देश के लिए योग्य शिक्षक, लेखक, वैज्ञानिक, प्रशासक आदि उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था करता है। इस कार्य को शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष दोनों मिलकर पूरा करते है। शिक्षक पुस्तकालयोन्मुखी औपचारिक शिक्षण पद्धतियों द्वारा तथा पुस्तकालय अपनी अनोपचारिक प्रक्रियाओं द्वारा इसे संपन्न करते है। पुस्तकालय छात्रों एवं शिक्षकों को उनके उब शिक्षा को सफलता पूर्वक पूर्ण करने के लिए आवश्यक साहित्य उपलब्ध कराता है।
(iii) अनुसंधान
| अनुसंधान विश्वविद्यालय का प्रमुख कार्य है। अपने शोध कार्यों के द्वारा विश्वविद्यालय मानव जीवन को सरल बनाने का प्रयास करता है। इन कार्यों के माध्यम से प्रकृति द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की उपयोगिता में वृद्धि की जाती है। शोध के परिणाम स्वरूप अनेक नये विषयों का सृजन होता है और नया साहित्य प्रकाश मैं आता है। शिक्षकों और शोध छात्रों को शोध कार्य अच्छी तरह करने के लिए विश्वविद्यालय पुस्तकालय प्रलेखन की प्राविधियों के माध्यम से आवश्यक साहित्य और सूचनायें उपलब्ध कराता है। 

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